Wednesday, July 8, 2020

सही शिक्षा क्या हैं ?

सही शिक्षा
शिक्षा की जड कडवी है, परन्तु उसका फल मिठा हैं -अरस्तू।
अरस्तू के विचार
अरस्तू

शिक्षा मानव को एक सभ्य नागरिक और समाज को विकसित करने का कार्य करती है।
शिकशिक्शशित समाज में को परिवार को नई दिशा प्रदान करता है। शिक्षा प्राप्त करने से ही सही और गलत का भेद सही से किया जा सकता है। शिक्षा से ही कई जाती,जनजाति आज उन्नति के शिखर पर है। और अपने तथा देश की प्रगति में भागीदार हैं।
सरकारी विधालय
एक सरकारी विधालय मे विधार्थी

शिक्षा का स्तर
देश में वर्तमान शिक्षा का स्तर चारों तरफ फैल चुका है।
गरीब से गरीब और उच्च धनाढ्य वर्ग अपनी संतानों को शिक्षा दिलाने में पिछे नहीं है। लेकिन देश की शिक्षा व्यवस्था कई होनहारों को आगे बढ़ने से रोक देती हैं। कई प्राथमिक शिक्षा तो कई माध्यमिक तक तथा कुछ प्रतिशत ही महाविद्यालय तक की शिक्षा ग्रहण पाते है। संचार साधनों की उपलब्धता से यह और भी जरूरी हो जाता है शिक्षा के प्रचार प्रसार से।
भारत में शिक्षा व्यवस्था
निजी विधालय
वर्तमान शिक्षा
आज वर्तमान में जो भी युवा हैं उसका एक ही उद्देश्य होता है कि शिक्षा ग्रहण करने के बाद किसी प्रकार कोई छोटि मोटी सरकारी नौकरी मिले तो मे भी बडा घर, बडी 4,5 कारे हो संतान को सही पालन पोषण मिले। लेकिन आज लाखो युवा महाविद्यालय की शिक्षा ग्रहण करके निकलते हैं लेकिन मुठ्ठी भर युवाओं को ही सही नोकरी या व्यापार प्राप्त होता है।
आज के अधिकतर युवा अपना जीवन सिर्फ एक अदद नोकरी से ही जीवन सफल मानते हैं। अब सोचने वाली बात यह है कि यह जो विकास आज हमें आज दिखाई देता है वह पहले क्यों नहीं हो सका ? 
सामाजिक विकास की रीढ ही शिक्षा को माना गया है। देश की सरकारों द्वारा समय समय पर शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जिससे गरीब परिवार की संतानें भी शिक्षा प्राप्त कर रही है। लेकिन देश की शिक्षा व्वस्था आज एक बहुत बडा व्यापार का रूप ले चुकी है जिसे शिक्षा माफिया कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
नोकरी बनाम डिग्रियां
शिक्षा बनाम डिग्री

क्यों आवश्यक है शिक्षा ?

विचारणीय विषय यह है कि आज इस वर्तमान समय में ही क्यों शिक्षा की बाढ आई हैं। शिक्षा प्राप्त करने का मूल उद्देश्य यही है कि हम अपने धर्म ग्रंथों को देख,समझ सके...इनमें छिपे गुढ ज्ञान को जान पाए। संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताए गए पुराणों, वेदो, गीता जी,कुरान, बाईबल आदि से स्पष्ट किया गया है कि यह शिक्षा हम इन सदग्रन्थों को समझ सके। संत रामपाल जी महाराज द्वारा दि गई शिक्षा से आज समाज दहेज प्रथा का अंत करने,कन्या हत्या, झूठ बोलने, पाखंड पर रोक,नशे पर रोक आदि दिए गए ज्ञान से समाज सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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