Tuesday, June 9, 2020

परमात्मा का प्रमाण

विश्व समुदाय में बाईबल को मानने वाली जनसंख्या बहुत है। कई देशों की तो जनसंख्या शत प्रतिशत इसाई धर्म को मानती हैं। आधुनिक तकनीक का भी बेहतर अनुभव रखते हैं। बाईबल को परमेश्वर की रचना मानते हैं, लेकिन जब उनसे पूछा जाता है कि "परमात्मा साकार है या निराकार"? तो उनका जवाब ऐसा होता हैं जैसे कोई अशिक्षित व्यक्ति हो। वह बताते हैं परमात्मा तो निराकार हैं। विश्व में जितने भी समुदाय, धर्म हैं वह सभी परमात्मा को निराकार ही बताते है। जबकि विश्व की अधिसंख्या बेहतर शिक्षित हो चुकी हैं। बाईबल मे यह भी बताया गया है कि परमात्मा ने मास खाने का आदेश नहीं दिया है और अन्य धर्मों की भाति एक से अधिक प्रभु है ओर साकार है।

बाईबल मे प्रमाण
पवित्र बाईबल मे भी कई प्रभुऔ के होने का प्रमाण मिलता है। उत्पत्ति अध्याय 18:1-10,अध्याय 19:1-25 मे तीन प्रभुऔ का प्रमाण है।
परमात्मा साकार रुप मे हैं।
पवित्र बाईबल के उत्पत्ति ग्रंथ से सिद्ध होता है कि परमात्मा साकार रूप में है और मानव सदृश्य है।
मांस खाने का आदेश नहीं है।
पवित्र बाईबल के उत्पत्ति ग्रंथ के 1:29 मे परमेश्वर ने कहा है कि जितने भी बीज वाले छोटे छोटे पेड पृथ्वी के उपर हैंऔर जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं वह सब मैने तुम्हें दे दिए है,वे तुम्हारे भोजन के लिए है। अब विचार करीए यह मांस खाने का आदेश किसने दिया है ?
परमात्मा आयु भी बढा देता है।
जी,हा। पूर्ण परमात्मा अपने साधक की आयु को भी बढा देता है और उसका कल्याण भी करता है।
क्या यीशु परमेश्वर हैं ?
पवित्र सदग्रन्थों मे प्रमाण मिलता है कि परमात्मा कभी किसी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेते हैं। लेकिन यीशु ने मरियम के गर्भ से जन्म लिया। इससे सिद्ध होता है कि यीशु पूर्ण परमेश्वर नहीं है। जगत का तारण हार कोई अन्य प्रभु हैं। तो फिर कोन है वह प्रभु जिनकी शरण ग्रहण करने से जीव का जन्म मरण के बंधनों से मुक्त हो जाए?
पवित्र बाईबल मे ही यह स्पष्ट प्रमाण है। जिनका नाम कबीर हैं। अयुब 36:5 मे लिखा है कि वह किसी से घृणा नहीं करते हैं।
अब यह प्रश्न अनिवार्य रूप में आपके मन मे आ रहा होगा कि " तो फिर अभी वर्तमान में क्या कोई संत या पूर्ण परमात्मा नहीं है जो सम्पूर्ण मानव जाति का कल्याण कर सके ?
सृष्टि के प्रारंभ से ही जम्बूद्वीप (भारत) को आध्यात्मिक ज्ञान मे विश्व का सिरमौर रहा है। जहाँ पर प्रत्येक युग में परमात्मा स्वयं आते हैं या अपना संदेश वाहक या दास को इस पावन धरा पर अपने सत भक्ति के प्रचार प्रसार के लिए भेजते हैं। वर्तमान में भी परमेश्वर कबीर जी ने संत रामपाल जी महाराज के रुप मे धरती पर अपना संदेश वाहक बनाकर भेजा है। जिन्होंने ही बताया है कि परमात्मा साकार हैं। पवित्र बाईबल की हकीकत दुनिया के सामने बताई और सही भक्ति तथा ज्ञान से जीवों का उद्दार कर रहे हैं। 





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