Tuesday, May 12, 2020

सच्चा भगवान कोन हैं ?

आज वर्तमान में पूरे विश्व की आबादी भगवान,गॉड,अल्लाह को मानती है। इसमें कुछ प्रतिशत अपवाद भी है जो भगवान को नहीं मानते हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्म से ही ईश्वर की ओर झुकाव हो जाता है। इसाईयो के जीसस, मुसलमानों के पैगंबर साहब, हिंदुओं के श्री रामचंद्र जी, श्री कृष्ण जी, श्री शंकर जी, श्री विष्णु जी, बौद्ध धर्म के महात्मा बुद्ध को मानते हैं। लेकिन हम मानव जाति इनसे ऊपर कभी सोच नहीं सकते हैं।मनुष्य को कोई लाभ हो या हानि या फिर कोई प्राकृतिक आपदा हो या महामारी हो वह भगवान को ही जिम्मेदार ठहराता है। आखिर भगवान अपने बच्चों पर क्यों यह कहर ढहाता है,परेशान करता है। दुनिया आज इतनी आधुनिक हो गई है की वह भगवान के अस्तित्व को ही नकार देती है।
अब बात करते हैं 
भगवान के द्वारा जो लाभ प्राप्त होते हैं उन पर। वर्तमान में जितने भी धर्म संप्रदाय आदि है वह सभी अपने-अपने भगवानों को सर्वश्रेष्ठ और उनकी भक्ति को मोक्ष दायक बताते हैं। लेकिन आज वर्तमान में नकली धर्मगुरुओं द्वारा भगवान और भगत की आस्था को भी व्यापार का रूप दे दिया गया है ।आज का व्यक्ति अपने आर्थिक और भौतिक सुखों के लाभ प्राप्त करने के लिए सैकड़ों लाखों मिल की पदयात्रा कर लेता है फिर चाहे उसे कितने ही कष्ट क्यों ना उठाने पड़े ।जैसे अमरनाथ यात्रा हो, कैलाश मानसरोवर की यात्रा हो हज हो इनको सर्वश्रेष्ठ मानता है और सोचता है कि मुझे यहां पर जाने से अधिक है लाभ प्राप्त होगा।
वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए अब समय आ गया है कि हम उस असली परमेश्वर की खोज करें जिसकी शरण में जाने से परम शांति प्राप्त हो सर्वजन सुखी हो और इन सभी व्यर्थ की साधना का त्याग करें। विश्व के अनेक धर्मगुरु प्रयासरत है किंतु उनकी साधना से भी इस विश्व में शांति स्थापित नहीं हो सकती है।
विश्व के सभी धर्मगुरुओं ने अपने-अपने मत चलाएं हैं लेकिन यह नहीं बताया है कि विश्व में सभी प्रेमभाव से तथा शांति से किस प्रकार रह सकते हैं आखिर कौन है वह परमात्मा जिसके लिए विश्व के सभी धर्मों के धर्म ग्रंथ बता रहे हैं विश्व का सनातन धर्म हिंदू में भी अनेक धर्मगुरु हुए हैं लेकिन किसी ने भी सच्चा भगवान के बारे में नहीं बताया किंतु विश्व के जगत गुरु संत रामपाल जी महाराज ने ही सभी धर्म ग्रंथों के धर्म ग्रंथों के गूढ़ रहस्य पर से पर्दा हटा कर बताया है कि सच्चा भगवान प्रत्येक व्यक्ति की मनोकामना पूरी करते हैं पूर्ण गुरु से नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से हमारी आयु भी बढ़ा देते हैं । संत रामपाल जी महाराज ने ही बताया है इस संपूर्ण ब्रह्मांड की ओर इस सृष्टि का निर्माण कबीर परमेश्वर जी ने ही किया है संत रामपाल जी महाराज के प्रयासों से ही आज विश्व की जनसंख्या जागृत हो रही है और अपने धर्म ग्रंथों को फिर से पढ़ रही है तथा उस अविनाशी कबीर परमेश्वर जी के बारे में जान रही है और सच्चे भगवान की तलाश पूरी हो रही है।
विश्व के प्राचीन सभी धर्म ग्रंथों में भी प्रमाण है--
यजुर्वेद अध्याय 5 के श्लोक नंबर 32 
अध्याय 29 के श्लोक नंबर 25 
सामवेद संख्या नंबर 359 अध्याय 4 के खंड 25 श्लोक 8
संख्या 1400 से अध्याय 12 खंड नंबर 3 श्लोक नंबर 7
अथर्ववेद कांड नंबर 4 के अनुक्रमांक एक के श्लोक नंबर 7 मॉडल नंबर 1 अध्याय 1 के सूक्त 11 के श्लोक 4 
ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सूक्त 96 मंत्र 17,18 और 19 
श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 15 के श्लोक 1,2,4,6 और 15 
अध्याय नंबर 18 के श्लोक नंबर 46 और 62 में अध्याय 8 के श्लोक नंबर 8 से 10 तथा 22 में 
गुरु ग्रंथ साहिब पृष्ठ संख्या 24 तथा 721 में
कुरान शरीफ सूरत फुरकान नंबर 25 के आयत 19, 21,52, 58,59 में ।
नोट..... कुरान और बाइबल दोनों एक ही संदेश देते हैं कि उस कबीर अल्लाह की महिमा बयान करो ।बाइबल के अंदर उत्पत्ति ग्रंथ में सृष्टि क्रम में 7 दिन की रचना में अध्याय 21:20- 2:50 बाइबल उत्पत्ति ग्रंथ पृष्ठ नंबर 2 पर उल्लेख है।
उपरोक्त से स्पष्ट है कि "कबीर" परमेश्वर जी ही वास्तविक वह रचन हार परमात्मा है जिनकी महिमा सभी वेद, गीता जी, बाइबल, कुरान आदि धर्म ग्रंथ बता रहे हैं कि वह चारों युगों में आते हैं और अपना वास्तविक भक्ति विधि बताते हैं जिससे जीव का कल्याण मोक्ष संभव होता है।


No comments:

Post a Comment